ईरान पर आर्थिक दबाव पर अमेरिका का 'कम-प्रकाशित' दांव

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वाशिंगटन, 13 अगस्त 2026 - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने का रुख बताते हुए कहा कि वे इसे 'कम-प्रकाशित' (low-key) कर रहे हैं। वे स्पष्ट रूप से सैन्य हमलों या तुरंत कूटनीतिक प्रयासों से बच रहे हैं।

ट्रंप ने आइओएक्स को दिए गए एक संक्षिप्त फोन इंटरव्यू में कहा, “हम इसे कम-प्रकाशित कर रहे हैं। हम उनसे आंशिक रूप से बात कर रहे हैं; बस ईरान को देख रहे हैं — उसकी भारी मुद्रास्फीति और इस बात का कि उनके पास पैसे नहीं हैं।”

यह बयान ईरान के साथ तनाव के बीच आया है, जहां अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नौसेना का नाकाबंदी लगाकर ईरान की अर्थव्यवस्था को जड़ से झटका देने का दावा किया है। ट्रंप ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को ट्रूप्स को भुगतान करने के लिए पैसे नहीं होने का जिक्र किया और कहा कि इस्लामिक शासन “बहुत बुरी हालत” में है।

इनमें से कुछ तथ्य इस प्रकार हैं:

- ईरान की मुद्रास्फीति 300 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।

- अमेरिका ने तेल की कीमतों को $100 प्रति बैरल से घटाकर $75 प्रति बैरल कर दिया है।

- ट्रंप ने इसे “शतरंज का खेल” बताया है और कहा कि यह रणनीति काम करेगी।

ईरान ने जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलने के लिए व्यापक मांगें रखी हैं — अर्थात् प्रतिबंध हटाना, मुआवजे का भुगतान, अपने सहयोगी गुटों से संघर्ष बंद करना और जमी हुई संपत्तियां वापस लेना। तेहरान ओमान के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि स्थिति “बहुत करीब” है।

अमेरिका की तरफ से सैंक्शंस को और कठोर बनाने की तैयारी चल रही है, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाने के नए उपाय देखे जा रहे हैं।

ट्रंप का यह संयमित स्वर एक जानबूझकर की गई रणनीति को दर्शाता है: कि लगातार आर्थिक घेरा ईरान को बातचीत की मेज पर लाएगा, बिना सैन्य हमले का राजनीतिक बोझ लिए।